Search Engine Optimization (SEO) क्या है | यह कैसे काम करता है?

आजकल सब कुछ ऑनलाइन होता जा रहा है, जिसके चलते आपने भी शायद, अपने व्यवसाय या संगठन के लिए एक वेबसाइट स्थापित करने का फैसला किया हो या, आपने अपनी मौजूदा वेबसाइट को पुनर्जीवित करने का फैसला किया हो। यहाँ, हम यह बताएंगे कि “SEO क्या है और यह कैसे काम करता है?” और इसे सर्वोत्तम तरीके से कैसे अपनाया जाए!

जब आप Digital Marketing क्षेत्र में काम करते हैं तो आप इस शब्द “SEO” के बारे में पढ़ते और सुनते रहेंगे क्योंकि यह इंटरनेट पर स्थापित की गयी हर एक website की search engine पर रैंकिंग प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार होता है।

पिछले कुछ दशकों में, व्यवसायों ने अपने उत्पादों को marketize किया है और उनकी सेवाओं को advertise करने के तरीकों का तेजी से विकास हुआ है।

what is SEO in hindi | search engine optimization guide
What is SEO in Hindi

आज के समय में इंटरनेट और इसके billions उपयोगकर्ताओं के आगमन से बड़े Brands और व्यवसाय traditional marketing से आगे बढ़ गए हैं और digital world की तरफ अग्रसर हो गए हैं.

साथ ही, नई marketing भूमिकाओं और कैरियर की संभावनाओं को पेश करने के लिए इंटरनेट पर डिजिटल मार्केटिंग के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है और सभी लोग इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं।

यदि आप अपने व्यवसाय/blog को ऑनलाइन लाना चाहते हैं तो यह समझना जरुरी है कि “Search Engine Optimization (SEO) क्या है और यह क्यों आवश्यक है?”

Search Engine Optimization (SEO) क्या है और कैसे करें?

यदि आप इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं तो आपने SEO के बारे में अवश्य सुना होगा, और यदि नहीं सुना है, तो आप इस शब्द की एक त्वरित विकिपीडिया परिभाषा प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण यह समझना है कि SEO “एक खोज इंजन में किसी वेबसाइट या वेब पेज की दृश्यता को प्रभावित करता है”।

Search engine optimization या SEO सर्च इंजन रिजल्ट्स पेज (SERP) पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ाने का तरीका है। सरल शब्दों में, SEO एक खोज इंजन के organic results से अपने website traffic की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक वेबसाइट या वेबपेज को अनुकूलित करने का अभ्यास है।

वास्तव में search engine optimization आपके व्यवसाय और आपकी वेबसाइट के लिए महत्वपूर्ण है जो कि आपको उन उपभोक्ताओं से जोड़ता है जो की आपकी व्यवसाय या आपकी सेवाओं के बारे में तलाश कर रहे हैं।

इस संदर्भ में content marketing से लेकर PPC और social media marketing से SEO तक हर पहलू समान रूप से आपके व्यवसाय की branding में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हालाँकि, SEO में on-page से लेकर off-page तक और backlinking से लेकर interlinking तक कई पहलू शामिल होते हैं जिनके बारे में हम आगे इस लेख में चर्चा करेंगे।

तो आईये, इस लेख में आगे बढ़ते हुए पहले मूल बातें से शुरू करते हैं।

Search Engines कैसे काम करते हैं?
Search Engines कैसे काम करते हैं?

Search Engines कैसे काम करते हैं?

अब यह सीखने का समय है कि Google जैसे खोज इंजन वास्तव में कैसे काम करते हैं। जब आप Google (या किसी अन्य खोज इंजन) में कुछ खोजते हैं, तो एक algorithm आपको वास्तविक समय में SERP पर लाने के लिए काम करता है जो उस खोज इंजन को “सर्वश्रेष्ठ” परिणाम समझता है।

सरल शब्दों में, search engine मुख्य रूप से आपके वेब पेजों और किसी विशेष Keyword के लिए अन्य webpages के बीच प्रतिस्पर्धा पर आधारित होती हैं। वे webpage जो प्रतियोगिता में हर दूसरे webpages से बेहतर होते हैं, अपने आधारित Keywords के लिए Google SERP शीर्ष स्थान पर आपकी website ranking प्राप्त करती है

Google जैसे Search engines एक वेबसाइट को रैंक करने के लिए तीन बुनियादी चरणों का पालन करते हैं:

1) Crawling

खोज इंजनों में Bots (search engine algorithms) होते हैं जो एक वेबसाइट को स्कैन करते हैं और website content को कॉपी करते हैं, फिर इसे खोज इंजन के server में संग्रहीत करते हैं।

2) Indexing

Indexing, Google खोज परिणामों में वेब पृष्ठों को जोड़ने की प्रक्रिया है। अर्थात, यदि आपकी वेबसाइट किसी खोज इंजन के index में नहीं है, तो कोई भी आपकी वेबसाइट को खोजने में सक्षम नहीं होगा।

3) Ranking

जब आप Google में कुछ लिखते हैं, तो खोज परिणामों में सबसे अधिक प्रासंगिक websites की list (Indexing से) उठकर search engine result पेज पर दिखाई देंगी। ये परिणाम उपयोगकर्ता के स्थान, भाषा, अनुभव आदि जैसे कई कारकों पर आधारित होते हैं।

Google “सर्वोत्तम” result कैसे निर्धारित करता है?

भले ही Google अपने algorithm के आंतरिक कामकाज को सार्वजनिक नहीं करता है, लेकिन फिर भी यहाँ कुछ तथ्य हैं जिनके आधार पर Google वेबसाइटों और वेब पेजों को first पेज पर ranking प्रदान करता है:

Relevancy

मन लीजिये, यदि आप “digital marketing” के लिए खोज करते हैं, तो आप food या कपड़ों के बारे में किसी वेब पेज को नहीं देखना चाहेंगे।

यही कारण है कि Google उन webpages को SERP पर सबसे ऊपर दिखता दिखता है जो आपके कीवर्ड से निकटता से संबंधित हैं।

Google par SEO se kaise rank kare

हालाँकि, Google केवल “शीर्ष पर सबसे relevant webpages” को रैंक नहीं करता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर खोज शब्द के लिए relevant pages की संख्या हजारों (या लाखों) में हो सकती है।

उदाहरण के लिए, “digital marketing” कीवर्ड Google में 323 मिलियन परिणाम लाता है:

Authority

किसी भी वेबसाइट की Authority यह निर्धारित करने का Google का तरीका है कि सामग्री सटीक और विश्वसनीय है या

अब सवाल यह आता है कि Google कैसे निर्धारित करता है की कोई पृष्ठ आधिकारिक है?

Google उस पृष्ठ से लिंक होने वाले अन्य पृष्ठों की संख्या को देखता है:

(अन्य पृष्ठों के लिंक जिन्हे “backlinks” के रूप में जाना जाता हैं)

सामान्य तौर पर, एक पृष्ठ के जितने अधिक Quality backlinks होंगे, उस webpage की उतनी ही उच्च रैंक होगी:

Usefulness

Content प्रासंगिक और आधिकारिक हो सकता है। लेकिन यदि यह उपभोक्ताओं उपयोगी नहीं है, तो Google उस content को खोज परिणामों में सबसे ऊपर नहीं रखेगा।

वास्तव में, Google ने यह सार्वजनिक रूप से कहा है कि “उच्च गुणवत्ता वाले content” और “उपयोगी content” के बीच अंतर है।

Search Engine Optimization (SEO) कैसे काम करता है?

SEO एक ऐसा process है जो अधिक web traffic प्राप्त करने और लम्बे समय के लिए SERP दृश्यता बढ़ाने के लिए लगातार अपडेट जारी रखना होता है।

लेकिन वास्तव में SEO कैसे काम करता है?

इस सन्दर्भ में, यहाँ पर कुछ बेसिक सिद्धांतों को सूचीबद्ध किया है, जो search engine पर ranking प्राप्त करने के नियमों का पालन करते हैं, और Google द्वारा बताये गए 200 से भी अधिक SEO factors की सीमाओं के अनुसार ही SERP पर ranking प्राप्त करते हैं, और किसी भी webpage को उसके targeted keywords के आधार पर अधिक से अधिक quality traffic प्राप्त करते हैं।

Search Engine Optimization (SEO) कैसे काम करता है?

Google और Yahoo जैसे search engines वेब पर pages को read करने के लिए Bots (algorithms) का उपयोग करते हैं, जो कि एक साइट से दूसरी साइट पर जाते हैं और उन pages के बारे में जानकारी एकत्र करते हैं और उन्हें index करते हैं।

Search engine algorithms, ranking कारकों को ध्यान में रखते हुए indexed pages का विश्लेषण करते हैं और यह निर्धारित करते हैं कि किसी भी query के लिए SERP में कौन से pages को ranking दी जानी चाहिए।

मान लीजिए कि आपने Food Recipes के लिए एक ब्लॉग शुरू किया है, लेकिन आपकी वेबसाइट organic search results में उच्च रैंक नहीं करती है। ऐसा होने के निम्न कारण हो सकते हैं:

  • आपके प्रतियोगियों में बेहतर content है
  • आप कमजोर कीवर्ड का उपयोग करें
  • आप खराब लिंक बिल्डिंग का उपयोग करें
  • आपका वेबपृष्ठ लोड समय धीमा है
  • आपकी वेबसाइट में एक अच्छा उपयोगकर्ता अनुभव नहीं है
  • आपकी वेबसाइट को गलती से डी-इंडेक्स किया गया है

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आपको SEO के बारे में क्यों ध्यान रखना चाहिए?

आज दुनिया भर में बहुत से लोग उनकी आवश्यकता की चीजों के बारे में इंटरनेट पर खोजते हैं। वह ट्रैफ़िक किसी व्यवसाय या सेवाओं के लिए न केवल बेहद शक्तिशाली हो सकता है, बल्कि बहुत विशिष्ट होता है, जो की आपके व्यवसाय या सेवाओं का उपयोग करने के लये उच्च-इरादे रखते हैं।

लोग आपके व्यवसाय से सीधे संबंधित किसी भी तरीके की खोज कर रहे हैं। इसके अलावा, आपकी संभावनाएं उन सभी प्रकार की चीजों को भी खोज रही हैं जो केवल आपके व्यवसाय से संबंधित हैं।

SEO ऐसी तकनीक है जिससे आप उन लोगों के साथ जुड़ते हैं, सवालों के जवाब देते हैं, और समस्याओं को हल करते हैं जो आपकी सेवाओं का उपयोग करना चाहते हैं यह आपके दर्शकों में आपको विश्वास पात्र बनने में और भी अधिक अवसर प्राप्त करने में मदद करता है।

Black hat SEO क्या है?

Black Hat SEO वह रणनीति है जो एक वेबसाइट को जल्दी रैंक करने के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि search engine guidelines का उल्लंघन करता है क्योंकि Black Hat SEO technique, SERP पर साइट की रैंकिंग बढ़ाने के लिए search engine algorithms में हेरफेर करने का प्रयास करती है।

Black Hat SEO आपकी webpage रैंकिंग में सुधार करने और SERP में आसानी से ranking प्राप्त करने का एक शॉर्टकट तरीका लग सकता है। लेकिन इस रणनीति में आगे बढ़ने से पहले दो बार अवश्य सोचें। Black hat techniques आपकी website या blog को कम समय में अच्छी रैंकिंग तो दे सकती है लेकिन लम्बे समय में अधिक नुकसान पहुंचा सकती है।

यदि आप निर्धारित guidelines का उल्लंघन करते हैं, तो संभावित परिणामों का भी स्पष्ट ध्यान रक्खें। black hat SEO रणनीति का उपयोग करने से आपकी वेबसाइट को Google या अन्य search engines द्वारा दंडित किया जा सकता है, जिसका परिणाम यह हो सकता है कि या तो SERPs पर आपके webpages रैंकिंग गिर जाएगी और साथ ही, organic traffic में गिरावट आने की सबसे अधिक संभावना है।

यहाँ हमने कुछ black hat techniques बताई हैं जिन्हे आपको अपनी website रैंक कराने की SEO strategy में avoid करना चाहिए:

  • Keyword Stuffing and Duplicate Content
  • Cloaking
  • Link farming
  • Using Misleading Redirects
  • Using Link Farms and Private Blog Networks
  • Spamming Blog Comments
  • Abusing Structured Data
Difference between White hat SEO | Black Hat SEO hindi

White Hat SEO क्या है और कैसे करें?

“White Hat SEO” शब्द SEO युक्तियों को संदर्भित करता है जो Google सहित प्रमुख search engines के दिशानिर्देशों और शर्तों के अनुरूप कार्य करता हैं। आमतौर पर, White आमतौर पर, White Hat SEO किसी भी search engine optimization की उन तकनीकों को संदर्भित करता है जो आपकी वेबसाइट की अखंडता बनाए रखता है और सभी search engines द्वारा निर्धारित की गयी शर्तों का अनुसरण करते हुए Search Engine Result Page (SERP) पर आपकी रैंकिंग में सुधार करता है।

आज के समय में इंटरनेट पर Google सबसे बेहतर search engines में से एक हैं जिस पर आय दिन करोड़ों लोग अपनी ज़रूरत के अनुसार खोज करते हैं। यह आपकी वेबसाइट पर ट्रैफ़िक की मात्रा बढ़ने का  शक्तिशाली स्रोत है, ऐसे में, website प्रतिबंधित होना आपके व्यापार में भारी गिरावट ला सकती है।

आप नहीं चाहेंगे कि Google जैसा search engine आपकी website को प्रतिबंदित करे, यह आपके व्यवसाय के लिए बहुत बुरा हो सकता है, यदि आप Google से प्रतिबंधित हो जाते हैं, तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वे आपको फिर से सूचीबद्ध करेंगे।

आपकी वेबसाइट की उपस्थिति को बढ़ाने के लिए आप “नियमों ” का उपयोग कर सकते हैं, कुछ शीर्ष white hat SEO रणनीतियों का हमने निचे उल्लेख किया है, ये रणनीति Google और अन्य search engines द्वारा परिभाषित सीमा के अनुसार कार्य करती हैं। उदाहरणों में शामिल हैं:

  • Content गुणवत्ता और सेवाओं की पेशकश
  • Keywords-समृद्ध meta tags का उपयोग करना
  • Authoritative inbound links
  • Simple website navigation
  • Fast page loading times

SEO के प्रकार: Types of SEO in Hindi:

SEO के तीन प्रकार हैं जिन्हें आप एक website को रैंक करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, और जो आपके webpage पर organic search strategy के लिए आवश्यक है:

  1. On-page SEO
  2. Off-page SEO
  3. Technical SEO

यदि आप अपनी website में इन तीनों  श्रेणियों को ध्यान में रख़कर, आपकी SEO रणनीति तैयार करते हैं तो अनुकूलन योजनाओं को व्यवस्थित और निष्पादित करना बहुत आसान होगा साथ ही Google जिसे search engines का विश्वास भी आसानी से जीत पाएंगे।

Types of SEO in hindi | search engine optimization ke prakar

यहाँ पर हम प्रत्येक प्रकार के SEO की basic समीक्षा करेंगे और ये आपकी digital marketing रणनीति के लिए कैसे महत्वपूर्ण हैं यह भी समझेंगे। साथ ही, हम आपको विभिन्न प्रकार के SEO tool के बारे में भी बात करेंगे जो इन श्रेणियों में आपकी website को बेहतर बनाने में आपकी सहायता कर सकते हैं।

1# On-Page SEO क्या है और कैसे करें?

On-page SEO पूर्णतः आपके वेबसाइट पर published content से संबंधित है। इसमें एक वेबसाइट पर एक व्यक्तिगत page को अनुकूलित करने की रणनीति शामिल है। यह आपकी वेबसाइट पर उन तत्वों को अनुकूलित करने को संदर्भित करता है जिन्हें आप सीधे नियंत्रित कर सकते हैं।

On-page SEO में उच्च गुणवत्ता वाला content publish करना शामिल है, जिसका एकमात्र उद्देश्य आपकी वेबसाइट के आगंतुकों के लिए उपयोगी साबित होना होता है, Bots (search engine algorithms) को आपके content को बेहतर ढंग से समझाने में मदद करने के लिए meta tags को जोड़ना, headlines और अन्य content तत्वों को सुव्यवस्ठित करने के लिए HTML tag का उपयोग करना और यह सुनिश्चित करना कि आपके webpage पर कोई भी broken links या duplicate content / pages न हो जैसे कार्य शामिल हैं।

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On-Page SEO प्रकार में शामिल हैं:

  • Keyword research: Content के एक page पर target करने के लिए सर्वोत्तम Keywords खोजना
  • Content creation: Target keywords पर केंद्रित उच्च-गुणवत्ता content प्रकाशित करना
  • Keyword optimization: सभी सही स्थानों पर लक्ष्य कीवर्ड का उपयोग करना और अच्छे meta tag SEO का उपयोग करना।
  • Internal links: लिंक के साथ आपकी साइट पर पृष्ठों को जोड़ने से उपयोगकर्ताओं और खोज इंजनों को उन्हें खोजने में मदद मिलती है।
  • Alt Tags: Alt टैग आपकी images का वर्णन करते हैं ताकि उपयोगकर्ता और search engine उन्हें बेहतर तरीके से समझ सकें।
  • Navigation: आपकी साइट को नेविगेट करना आसान होना चाहिए ताकि उपयोगकर्ता उनकी जरुरत के अनुसार content ढूंढ सकें और आपकी साइट पर अधिक समय व्यतीत करें।
  • Design and Usability: यदि डिजाइन में खामियां हैं तो यह आगंतुकों को भ्रमित कर सकता है, जो bounce rate ख़राब करने का कारण बन सकता है। और bounce rate अधिक होना सभी प्रकार के search engine optimization (SEO) के लिए खराब हैं।

इन कारकों (जिन्हे हमने दिए गए article में उल्लिखित किया है) search engine को आपके content के विषय को समझने में मदद करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि आपकी website उस विषय के लिए एक मूल्यवान स्रोत है जिसके बारे में लोग ढूंढना चाहेंगे।

On-Page and Off page SEO kya hai
On-Page SEO VS Off-Page SEO

2# Off-Page SEO क्या है और कैसे करें?

इस प्रकार के SEO राणनीति में आपकी वेबसाइट के बाहरी कारक शामिल होते हैं जिन्हें आप directly नियंत्रित नहीं कर सकते हैं।

इसमें वेबसाइट की reputation और authority बनाने की रणनीतियाँ शामिल हैं। ये कारक खोज इंजनों को यह सुनिश्चित में मदद करते हैं कि एक webpage उस query के लिए आदर्श खोज परिणाम है जिसे लोग search कर रहे हैं क्योंकि domain authority अधिक होने से यह सुनिश्चित होता है कि आपकी website किसी particular query के लिए एक सम्मानित और विश्वसनीय स्रोत से है।

सबसे उल्लेखनीय off-page SEO रणनीति में किसी website पर backlinks बनाना है। Backlinks किसी अन्य वेबसाइट से आपकी साइट आने वाले लिंक होते हैं। Google आपकी reputation और relevance को निर्धारित करने के लिए आपकी साइट से जुड़े links की मात्रा और उनकी गुणवत्ता का उपयोग करता है, जो की अंततः आपकी website रैंकिंग को प्रभावित करता है web traffic बढ़ाने में मदद करता है।

Google किसी विशेष page/website की रैंकिंग करने से पहले कई कारकों पर विचार करता है और off-page SEO उनमें से एक है।

Creating shareable content: अद्भुत और साझा करने योग्य content बनाना हमारी वेबसाइट या ब्लॉग पर अधिक से अधिक प्राकृतिक backlinks बनाने का एक smart तरीका है।

Off-page SEO में कई तरीकों से लिंक बनाना शामिल होता है। ये लिंक दो प्रकार के हो सकते हैं:

(a) Do-Follow Links

Do-follow लिंक एक डिफ़ॉल्ट लिंक प्रकार है जो search engine bots को किसी एक वेबसाइट के वेबपेज से लिंक किये गए किसी अन्य वेबसाइट के वेबपेज तक पहुँचने की अनुमति देता है इस प्रकार इंटरनेट पर बहुत सी website के लिंक आपस में जुड़े होते हैं जो लिंक जाल बनाते हैं और bots आसानी से उन्हें read कर index करते हैं।

(b) No-Follow Links

नो-फॉलो लिंक प्रकार का अर्थ है कि Google बॉट ऐसे links को follow नहीं करेंगे। अर्थात, जिस webpage पर ऐसा कोई लिंक दिया गया है, वहां से किसी भी लिंक-जूस को पास नहीं करेंगे।

क्योंकि इस प्रकार के लिंक से कोई search engine bots लिंक जूस पास नहीं करते हैं, तो No-follow link का website रैंकिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

Off-Page SEO करते समय किन महत्वपूर्ण कारकों पर विचार करना चाहिए?

यहाँ नीचे हमने कुछ Off-Page SEO कारकों को इंगित किया है जिन पर आप विचार कर सकते हैं, हमारे अनुभव में इन off-page SEO गतिविधियों को आपकी SEO strategy में शामिल करना आपके लिए आसान होगा और साथ ही साथ सर्वोत्तम फायदेमंद भी होगा:

Off-Page SEO प्रकार में शामिल हैं:

  • Creating shareable content: अद्भुत और साझा करने योग्य content बनाना हमारी वेबसाइट या ब्लॉग पर अधिक से अधिक प्राकृतिक backlinks बनाने का एक smart तरीका है।
  • Contribute as Guest Author: इंटरनेट पर आपको अपने विषय के अनुसार कई अच्छे और गुणवत्तापूर्ण ब्लॉग मिल जायेंगे, जो विभिन्न लेखकों के guest posts के लिए खुले हैं। एक बढ़िया article लिखें और एक guest post के लिए अन्य website मालिकों के साथ share करें और backlinks प्राप्त करें।
  • Blog Commenting: आप सोच रहे होंगे कि blog commenting करना अब फायदेमंद नहीं है, लेकिन blog पर comment करते रहने के कई कारण हैं, जब तक आप इसे सही तरीके से और सही दर्शकों के साथ कर रहे हैं।
  • Social Bookmarking: Social bookmarking आपकी audience तक तेज़ी से पहुँच बढ़ाने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। StumbleUpon, Delicious, tumblr, Digg, और Reddit कुछ शीर्ष Social bookmarking करने वाली साइटें हैं।
  • Forum posting: विभिन्न online discussion forums पर सक्रिय रहना लोगों को आपके ब्रांड के बारे में जागरूक करने का एक शानदार तरीका है।
  • Questions & Answers: एक अच्छा content लिखना और इसे सही लोगों पहुँचाना भी off-page SEO का एक तरीका है, इंटरनेट पर Stack Overflow, Quora, and Yahoo जैसी विभिन्न प्रश्नों और उत्तर वेबसाइटों पर अपनी website का promotion करना reach बढ़ाने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक हो सकता है।
  • Broken Link Building: यह एक दिलचस्प रणनीति है। इसका उद्देश्य टूटे हुए लिंक को ढूंढना है और उस संसाधन के मालिक से संपर्क करना है जिसमें एक broken link है। यह redirects की संख्या और 404 पृष्ठों को कम करने में मदद करेगा, जिसके परिणामस्वरूप बेहतर user experience होगा।
  • Influencer outreach: यदि आपने किसी भी प्रकार का content लिखा या बनाया है, जो साझा करने योग्य है, तो अपने उद्योग से सम्बंधित प्रभावशाली लोगों तक पहुंचने में संकोच न करें।
What is Technical SEO in Hindi | yah kyon zaruri hai
What is Technical SEO in Hindi

3# Technical SEO क्या है कैसे करें?

technical SEO, backend website और serve अनुकूलन के कार्यों पर केंद्रित होता है जो आपकी website को search engine पर बेहतर ranking प्राप्त करने में मदद करता है।

Technical search engine optimization साइट की readability में सुधार करता है, जिससे कि search engine bots (algorithms) के लिए साइट को crawl करना और समझना आसान हो जाता है। साथ ही, एक अच्छा user experience भी प्रदान करता है, जिससे search engine को यह विश्वाश हो जाता है कि आपकी साइट उच्च गुणवत्ता वाली है।

अच्छा user experience आपके पाठकों के लिए भी महत्वपूर्ण है और जिससे कि आपकी audience को website पर भरोषा होने लगता है और organic traffic के साथ-साथ bounce rate को प्रभावित कर सकता है।

यह सुनिश्चित करता है कि search engine आपकी website को सुव्यवस्थित रूप से अनुक्रमित करता है और आपको अपने on-page और off-page SEO का अधिकतम लाभ उठाने में मदद करता है।

Technical SEO सुधार के कुछ उदाहरणों में शामिल हैं:

  • Robots.txt: आपकी txt फ़ाइल search engine क्रॉलर को बताती है कि आप अपनी साइट के कौन से हिस्से क्रॉल और इंडेक्स कराना चाहते हैं और कौन से हिस्से को नहीं। ऐसा करने से Google bots को आपकी website को read करना आसान हो जाता है।
  • XML Sitemap: एक XML साइटमैप आपकी साइट को अधिक तेज़ी से क्रॉल करने और आपकी साइट के सटीक इंडेक्स बनाने में मदद करता है।
  • Website Speed: Google एक रैंकिंग कारक के रूप में page speed का भी उपयोग करता है, और यदि page speed बेहतर तो user experience भी अच्छा होगा। आपकी page speed में सुधार करने के लिए आपको थोड़ा सा technical knowledge होना चाहिए। Page speed बेहतर बनाने के लिए आपको अपनी website coding को clean करना, images को compress करना और browser cache का उपयोग करने जैसी तकनीकें शामिल हो सकती हैं ताकि आपका page load time बेहतर हो सके।
  • Using responsive design: आज के समय में, Responsive website design होना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि आपकी साइट विभिन्न उपकरणों (devices) को समायोजित करने में सक्षम हो, मोबाइल उपकरणों पर सही ढंग से प्रदर्शित हो और बिना किसी रूकावट के सहजता से कार्य करे।
  • Dealing with duplicate content: आपकी साइट पर duplicate content होने से आपकी रैंकिंग को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसा न हो इसके लिए आपको एक canonical tag (rel = canonical) add करना होता है, जो Google को बताता है कि किसी page का कौन सा version original है, और 301 redirects आपकी वेबसाइट के किसी एक URL से दूसरे URL पर traffic को redirect की सुविधा देता है।

SEO (Search Engine Optimization) और SEM (Search Engine Marketing) में अंतर:

मुख्य अंतर यह है कि search engine optimization (SEO) जैविक (organic) खोज परिणामों से traffic प्राप्त करने के लिए एक वेबसाइट के अनुकूलन(optimization) पर केंद्रित होता है। दूसरी ओर, Search Engine Marketing (SEM) का लक्ष्य जैविक (organic) और सशुल्क(paid search) खोज दोनों से traffic और visibility प्राप्त करना है।

SEO (Search Engine Optimization) VS SEM (Search Engine Marketing) difference

जैसा कि आप ऊपर दिए गए SEO Vs SEM आरेख में देख सकते हैं, एक विशिष्ट search engine results page (SERP) में दो प्रकार के परिणाम शामिल हैं। पहला paid खोज परिणाम है और दूसरा जैविक (organic) खोज परिणाम है।

Paid results आमतौर पर ‘AD’अक्षरों के साथ निरूपित किए जाते हैं ताकि उपयोगकर्ताओं को इन्हे जैविक(organic) results से अलग करने में मदद मिल सके। paid ads को आप SERP पर organic search results के ऊपर और नीचे दोनों तरफ देख सकते हैं।

Search Engine Optimization Conclusion:

Website की visibility बढ़ाने और online leads प्राप्त करने के लिए, आपके अपने व्यवसाय के लिए सही प्रकार की SEO रणनीतियों का उपयोग करने की आवश्यकता होती है। हर वेबसाइट को on-page, off-page और technical SEO की आवश्यकता होती है।

एक (Search Engine Optimization) SEO plan बनाने के लिए जो आपको अधिक से अधिक फायदा प्रदान कर सके, ऐसे में, आप रैंकिंग कारकों के सिर्फ एक समूह पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकते। आपको अपनी साइट को SERP में दिखाने का सबसे अच्छा मौका देने के लिए एक-दूसरे के साथ विभिन्न प्रकार के SEO strategies का उपयोग करने की आवश्यकता है।

अब तक आप समझ ही गए होंगे की “SEO क्या है और क्यों ज़रूरी है?” और उम्मीद करते हैं कि आपको इस article की सहायता से कुछ सीखने को मिला होगा। 

यदि आपके मन में SEO से सम्बंधित किसी भी प्रकार का संदेह हो या आपको लगता है की इस आर्टिकल में सुधार करने की आवश्यकता है तो आप comment section में लिखकर हमें बता सकते हैं।

इस आर्टिकल में हमने “SEO क्या है (what is SEO in Hindi)” से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यानपूर्वक आपके समक्ष लाने का प्रयास किया है। हमें आशा है की आपको हमारी यह पोस्ट ज़रूर पसंद आयी होगी और उम्मीद करते हैं की आप इसे अपने social media (Facebook, twitter) जैसे platforms पर अवश्य शेयर करेंगे।

धन्यवाद्!!!!!

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